- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की व्यासपीठ से जमकर हुई तारीफ
पाटन। नगर पंचायत पाटन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पावन अवसर पर पूरा नगर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा है। कथा स्थल पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा श्रवण का आनंद ले रहे हैं।
मंगलवार को कथा वाचन के दौरान पंडित युवराज पांडे ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का संगीतमय और भावनात्मक वर्णन करते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि लीला और क्रिया में अंतर होता है — अभिमान या सुख की इच्छा क्रिया कहलाती है, जबकि दूसरों को सुख देने की भावना लीला होती है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का उद्देश्य समस्त गोकुलवासियों को सुख और समृद्धि प्रदान करना था।
पंडित पांडे ने कहा कि माखन चोरी का अर्थ मन की चोरी से है, कन्हैया ने अपने भक्तों के मन को चुराया और उन्हें भक्तिभाव से भर दिया। उन्होंने पूतना वध, गोवर्धन पूजा और इंद्र के घमंड के शमन जैसी बाल लीलाओं का मार्मिक चित्रण करते हुए कथा को चरम पर पहुँचाया।
उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण ने बाल्यकाल में राक्षसी पूतना का वध कर मानवता की रक्षा की थी।
कथा के दौरान उपस्थित श्रोतागण वात्सल्य और भक्ति भाव में सराबोर हो गए।
व्यासपीठ से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के गौरव हैं” ऐसा जननेता जो हमेशा आमजन से जुड़े रहे।
वक्ता ने कहा कि जब श्री बघेल राज्य के मुख्यमंत्री थे, तब उनसे मिलना बेहद सहज और सरल था। “साधारण व्यक्ति राजा से नहीं मिल पाए तो वह कैसा राजा होगा?” इस भाव के साथ उन्होंने कहा कि आज की स्थिति इससे बिल्कुल अलग है — अब किसी मंत्री से मिलने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता है। “एक मंत्री से मिलने के लिए ग्यारह महीने से समय मांग रहा हूं, लेकिन मंत्री जी के पास जनता से मिलने का समय नहीं है।”
पूर्व मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा पाण्डेय जी कथावाचन में अभी बहुत मांग है। एक समय था जब पवन दिवान जी का कथा होता था तो लोग उमड़ पड़ते थे उसी तरह आज लोग युवराज पांडेय जी को सुनने उमड़ पड़ते है। लोगो के जीवन में बहुत कड़वाहट आ चुका है जिसे सत्संग से ही मिटा जा सकता है। आजकल कई लोग कथा में टोटका को माध्यम बनाकर लोगों के साथ छल कर रहे है। केवल मनुष्य मात्र ही ईश्वर का उपासना कर सकते है। ईश्वर से कुछ मांगना है तो आनंद मांगे कि हमें हमेशा आनंदित रखे । मनुष्य को जड़ कामना नहीं करना चाहिए। यह भाव छत्तीसगढ़ में है। छत्तीसगढ़िया लोग भोला और सहज सरल है । भागवत कथा का आनन्द लेते हुए मन में विश्राम जरूर बनाए रखे।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, यजमान भूपेंद्र कश्यप,गिरीश देवांगन, राजेंद्र साहू, आशीष वर्मा, मनीष बंछोर,पुरुषोत्तम कश्यप,जवाहर वर्मा, हेमंत देवांगन, जनपद सदस्य रश्मि भेदप्रकाश वर्मा,लक्ष्मी पटेल, महेंद्र वर्मा, अजय सिंगोंर, सालिक साहू,केदार कश्यप सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
