पाटन।महिलाओं को स्वरोजगार प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्थान की दिशा में दो दशक से भी अधिक समय से काम करने वाली दुर्ग की सामाजिक कार्यकर्ता ललेश्वरी साहू को मिनीमाता सम्मान वर्ष 2025 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में दिया गया।
बोरसी दुर्ग की श्रीमती ललेश्वरी साहू ने सर्व समाज के सभी वर्ग के महिलाओं को स्व रोजगार प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का एक छोटा सा पहल किया तथा आर्थिक रूप से समर्थ बनाने का लगातार प्रयास कर रही है श्रीमती साहू कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से विगत कई वर्षों से समाजोत्थान के कार्यों में अपनी सहभागिता निभा रही है।
जीविका स्व सहायता समूह बोरसी का गठन करके हज़ारों महिलाओं को स्व रोजगार हेतु प्रशिक्षण दे चुकी है। उन्होंने समूह का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया तथा हमर हटरी एम्पोरियम को संचालित करते हुए छत्तीसगढ़ के विभिन्न कला शिल्प के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य कर रही है। धान बैच के माध्यम से छत्तीसगढ़ ही नही वरन विभिन्न प्रांतों सहित देश के राजधानी नई दिल्ली तक पहचान बनाई। पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान शिविर का आयोजन, कैरियर काउन्सलिंग तथा धार्मिक आयोजनों में सक्रियता से सहभागी बनती है। अपने समूह के कार्यों को उन्होंने भुईंया के मान बढ़ाबो शीर्षक गीत के माध्यम फिल्मांकन किया है। दुर्ग जिला के विभिन्न स्व सहायता समूह को निःशुल्क रोजगार प्रशिक्षण एवं रोजगार देने का कार्य कर रही है।
5 नवम्बर को नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में उप राष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन द्वारा उन्हें मिनीमाता सम्मान से सम्मनित किया गया।इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण उपस्थित थे।
“मेरे सेवा कार्यों को सराहना करते हुए रजत महोत्सव के पावन अवसर पर मुझे नारी शक्ति की प्रेरणा एवं पूज्यनीय माता जी मिनीमाता अलंकरण से सम्मानित करने पर स्वयं को गौरान्वित महसूस करते हुए मै छत्तीसगढ़ शासन को धन्यवाद ज्ञापित करती हूँ। इस सम्मान का श्रेय समूह की बहनों, मेरे परिजन, महिला बाल विकास विभाग,नगर निगम दुर्ग, साहू समाज सहित सर्व समाज एवं पुरे दुर्ग जिला को देना चाहती हूँ” – श्रीमती ललेश्वरी साहू
