झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से अधेड़ की मौत, परिजनों में आक्रोश

अंजय यादव@कोण्डागांव।शिकायतों के बावजूद कार्रवाई से बचते आ रहे झोलाछाप फर्जी डॉक्टर निखिल सिकदार के इलाज ने आखिरकार एक जान ले ली। आड़काछेपड़ा वार्ड निवासी बलराम बंजारे (60) की मौत ने न केवल परिजनों बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया है। यह घटना उस समय हुई जब बलराम बंजारे मामूली टॉन्सिल की शिकायत लेकर इलाज के लिए निखिल सिकदार के पास पहुंचे थे।

मृतक के परिजनों दिनेश बंजारे और विशाल बंजारे ने बताया कि निखिल सिकदार कई वर्षों से कलेक्टर कार्यालय के सामने खुलेआम झोलाछाप का कारोबार कर रहा है। उसकी पत्नी शासकीय स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद पर पदस्थ है, उसके निवास में कई सालों तक उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित रहा, और इसी आड़ में वह वर्षों से इलाज करता आ रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई न होने से उसका हौसला और बढ़ता गया।

बीती शाम निखिल सिकदार ने बलराम बंजारे को इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। मुंह से झाग निकलने लगा और वे बेहोश हो गए। निखिल सिकदार के वाहन से ही उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामले में निखिल सिकदार ने कैमरे के सामने यह स्वीकार किया कि, उन्होंने इंजेक्शन लगाया था और उनके पास इलाज का कोई वैध लाइसेंस या शासन की अनुमति नहीं है।

उधर, परिजनों ने शाम 6 बजे का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें बलराम बंजारे पूरी तरह स्वस्थ नजर आ रहे हैं। वे समाज के साथ मूवी देखने गए थे और गले में केशरिया गमछा डाले हुए सामान्य रूप से दिखाई दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि यह वीडियो साबित करता है कि वे स्वस्थ थे और उनकी मौत झोलाछाप की लापरवाही से हुई है। अब सवाल यह है कि बार-बार शिकायतों और अब मौत जैसी गंभीर घटना के बाद प्रशासन आखिरकार निखिल सिकदार पर कैसी कार्रवाई करेगा?

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