खबर हेमंत तिवारी ✍️✍️✍️
पांडुका/शुक्रवार सुबह एक स्कूली बच्चे के साथ बड़ी घटना होते-होते टल गई गनिमत रही की टक्कर जोर की नहीं थी।नहीं तो आज बड़ा अनहोनी हो जाता पूरी घटना द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल हिंदी मीडियम में पढ़ने वाले छात्र नागेश्वर नेताम निवासी ग्राम छुईहा की है।जो रोज की तरह बस में सवार होकर स्कूल के लिए निकला था और बस ड्राइवर द्वारा बाकी बच्चों के लेने के लिए द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल की बस तौरेंगा गांव में सड़क किनारे बस को खड़ा किया था इसी बीच कक्षा 4 थी का छात्र नागेश्वर नेताम बस से उतरकर पास के दुकान में कुछ सामान लेने सड़क की दूसरी तरफ स्थित दुकान जा रहा था । इसी बीच जतमई मार्ग तरफ से सड़क निर्माण कंपनी की तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने ठोकर मार दी जिससे बच्चा के हाथ एवं सर पर चोट आया है जिसे देखकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश हो गया फिर घटना के बाद स्कूल बस और बोलोरो को ग्रामीण रोके रखा इस बीच बच्चे के पालक को जानकारी दी गई ।फिर पालक आकर ड्राइवर कंडक्टर की लापरवाही पर खरी खोटी सुनाई और अपने बच्चे को इलाज के लिए साथ ले गए। हाला की बड़ी घटना होते होते रह गई पर द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल हिंदी मीडियम स्कूल प्रबंधन की यह लापरवाही उजागर हो गई। नियमों की बात करे तो बच्चों को घर से लेकर सुरक्षित लाना ले जाना होता है।पर बस के ड्राइवर कंडक्टर के ऊपर नियंत्रण नहीं होने के कारण बच्चे मनमर्जी बस से उतरकर दुकानों में सामान खरीदते है जिससे ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।साथ ही इसी स्कूल के बस के साथ ऐसा क्यों होता है।आज की घटना के बाद यह तीसरी घटना है ।जो इस जतमई मार्ग में घट चुका है।इसके पहले भी एडीबी प्रोजेक्ट के सड़क निर्माण कंपनी के कैंप के पास गिट्टी से भरे हाईवा वाहन और इस स्कूली बच्चों से भरे बस की टक्कर हो गई थी,काफी चीख पुकार के बीच उस समय भी पालकों में भारी आक्रोश देखने को मिला था,,दूसरी घटना तौरंगा गांव के एक दंपत्ति के साथ हुआ था। जो अपनी पत्नी के साथ इलाज के मोटरसाइकिल से जा रहे थे तो सांकरा तौरेंगा के बीच में इसी बस ने ठोक दिया था।उस समय भी ग्रामीणों ने इस लापरवाही पर बस को खड़ी कर दी थी फिर ग्रामीण और स्कूल प्रबंधन के साथ समझौता हुआ तब बस को छोड़े थे।और अब ये तीसरी घटना है ।वही इस घटना से पालकों में भारी आक्रोश है पढ़ाई के नाम पर उनके बच्चों के ऊपर इसी तरह की घटनाएं हो तो पालकों का चिंतित होना लाजमी है।सही देख रेख नहीं होने इस संस्था के प्रति मोह भंग हो रहा है। साथ ही एडीबी प्रोजेक्ट के सड़क निर्माण में लगी गाड़ियों का तेज स्पीड के कारण अंचल के लोग खफा है। यहां भी कंपनी के जिम्मेदारों द्वारा सुधार नहीं किया गया है जिसके वजह से सड़क किनारे के आने वाले गांव के लोगों में खतरा बना रहता है इस प्रकार ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन और सड़क निर्माण कंपनी को समझाइश दी है कि ऐसी घटनाएं की पुनरावृत्ति ना हो नहीं तो आगे उच्च कार्यालय में शिकायत की जाएगी। इस घटना के बारे में सड़क निर्माण कंपनी के जिम्मेदारों से बात की गई तो उन्होंने ड्राइवर के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कही,,,
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वही इस बारे में स्कूल प्रबंधन के जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ दिया है।,,,
जब इस बारे में द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल हिंदी मीडियम अमलीडीही के प्रबंधक विवेक पटेल से बात किया गया तो उन्होंने इस पूरी घटना में कुछ भी बोलने से पहले इनकार करते हुए पल्ला झाड़ लिया और मीडिया को बाइट देने से मना कर दिया फिर उन्होंने बोला कि इस घटना की जानकारी मै अपने स्कूल संचालक आर्या सर को दूंगा और उसके बाद ही आपको कुछ बता पाऊंगा ।साथ ही आप समाचार प्रकाशित करें ताकि इन कंडक्टर ड्राइवर को उनके काम से निकाला जा सके।।
