पाटन—संक्रमण काल मे विद्यालय बन्द है स्कूल बंद है पढ़ाई नही हो रही है शिक्षक ,पालक एव बच्चे भविष्य को लेकर चिंतित है कि ऐसे में पढ़ाई कैसे हो तो इसका भी विकल्प निकाल लिया है ग्राम कोही में भाठापारा प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक राजेन्द्र मार्कण्डेय एव शिक्षक केशव वर्मा ने संक्रमण को देखते हुए सुरक्षा निर्देशों का पालन करते हुए स्कूल में दर्ज 59 बच्चो के पढ़ाई को जारी रखने के लिये गांव के शिक्षित युवाओं को अपने आस पास के बच्चों को पढ़ाने के लिये प्रेरित किया है
इस प्रेरणादायी काम को गति प्रदान कर के वाले शिक्षा दूत राजेन्द्र मार्कण्डेय ने बताया कि विद्यालय के कुल 59 बच्चो को 14 स्वयं सेवी शिक्षक एव 15 पालकों के मध्य विभाजित किया गया है जिसमे किसी के पास 5 से अधिक बच्चे नही रहेंगे जिससे एक निश्चित सामाजिक दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी सभी बच्चो को शासन से प्रदत पुस्तके उपलब्ध करा दी गई है जिससे कोर्स के अनुसार पढ़ाई भी हो रही है
सभी पालकों व शिक्षा सेवियों को बच्चो को गणित विज्ञान अंग्रेजी जैसे विषय को भी पढ़ाने कहा गया है एव अपने मोबाइल में दीक्षा एप डाउनलोड करने आग्रह किया गया, जिससे बच्चों को पढ़ाने में मदद मिलेगी। यह कक्षा पहली से दसवीं तक के बच्चों को पढ़ाने में मददगार एप हैं जिसमें सभी पाठ,अध्याय व प्रश्नों को बच्चों व शिक्षक के एंगल से बताते हैं।आडियो वीडियो एवं अन्य क्रियाओं के साथ।
जानकारी के अनुसार पता चला है कि किसी भी
पालक व शिक्षा सेवियों को स्वतंत्रता होगी कि वे अपने समय अनुसार बच्चों को शिक्षा मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
वाट्स एप ग्रुप —पढ़ाई को एकरूपता देने के लिये सभी को एक ग्रुप में जोड़ा गया है जिससे प्रतिदिन हो रही पढ़ाई को हम इस ग्रुप में शेयर करेंगे।आडियो वीडियो फोटो किसी भी रूप में जिससे प्रधान पाठक राजेन्द्र एव केशव पलको एव स्वयं सेवी को मार्गदर्शन दे सके पढ़ाई के दौरान बच्चें के मनोरंजन के लिये
शिक्षा में कहानी कविता चित्र कला, रंगोली,नाटक, डांस,खेल व समान्य परिचय बातचीत जो शैक्षिक दायरे में हो को भी शामिल करेंगे।
कार्यशाला का आयोजन—-पढ़ाई तुह्नर द्वार योजना को मूर्त देने एव 14 स्वंय सेवी शिक्षक एव 15 पालकों से सहमति लेने के पश्चात स्कूल में एक कार्यशाला का आयोजन भी किया गया जिसके अंतर्गत 29 स्वयं सेवियों को प्रशिक्षण भी दिया गया जिसमें प्रधान पाठक शिक्षा दूत राजेन्द्र मार्कण्डेय एव केशव वर्मा ने शासन की योजना पढ़ाई तुह्नर द्वार एव शिक्षा विभाग द्वारा जारी किये गए वेबसाइड के माध्यम से बच्चो को शिक्षा कैसे दी जावे उस पर विस्तार से जानकारी दी गई इसके अलावा उन्हें मुलभुत जानकारी से अवगत भी कराया गया जैसे कि कोई भी शिक्षा सेवी किसी भी बच्चे को दंड या मारने पीटने जैसे कृत्य नहीं करेंगे। बढ़िया प्रेम प्यार से अपने बच्चों के समान प्रेरित करते हुए शिक्षा दान देंगे। हमारे किसी भी कृत्य से शिक्षा व शिक्षा दान को बदनामी हो ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे। ऐसे गलत कृत्य के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे।और मैंने आप सभी पर यह विश्वास करके यह शिक्षा दान का अवसर आपको दिया है सभी पालक व शिक्षा सेवियों से आग्रह किया गया है कि बच्चों को इतना गृहकार्य जरूर दें कि बच्चे खाली समय में ज्यादा से ज्यादा समय शिक्षा में जुड़े रहे। बीच बीच में प्रधान पाठक राजेन्द्र मार्कण्डेय एव केशव वर्मा बच्चो के घर व शिक्षा केन्द्र का जरूर सुरक्षा नियमों का पालन करते पढ़ाई के प्रगति की जानकारी लेते रहेंगे
