दुर्ग। जिले में भू राजस्व विभाग के मैदानी अमले के विभिन्न पटवारियों / राजस्व निरीक्षकों के भ्रष्टाचार में संलिप्त होने की शिकायत सूचना मान.जनप्रतिनिधियों/ दैनिक समाचार पत्रों/ सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त होते रहे हैं। वहीं जिले में धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग भी किया जा रहा है जिसमें राजस्व विभाग के विभिन्न मैदानी अमले की संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता, उक्त अवैध प्लाटिंग से शासन को वित्तीय हानि होती है साथ ही अवैध प्लाटिंग से विभिन्न भूमि में नवीन विवाद भी होता है जिससे जिले में शांति व्यवस्था भी भंग होती है। वहीं विभिन्न मैदानी कर्मचारियों द्वारा छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता / रेरा के नियमों व मान. न्यायालयों के निर्देशों की अवहेलना भी किए जाने के बहुत से उदाहरण है जिसके कारण मान. राजस्व न्यायालयों सहित मान. उच्च न्यायालय बिलासपुर में बहुत से प्रकरण लंबित है और मैदानी अमले की गलतियों के कारण मान. न्यायालयों का समय अनावश्यक खराब हो रहा है।
जिले में कार्यरत विभिन्न पटवारी / राजस्व निरीक्षक तीन वर्ष से भी अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ है या संलग्न है जबकि मैदानी क्षेत्रों में पद रिक्त होने के कारण किसी अन्य कर्मचारी को प्रभार लेकर कार्य संपादित करना पड़ रहा है जिससे मूल पदस्थापना व प्रभार पदस्थापना दोनों स्थानों के कार्यों की गुणवत्ता व समय पर निराकरण व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही है और भ्रष्टाचार अच्छे से फलफूल रहा है। वहीं कुछ ऐसे भी पटवारी/ राजस्व निरीक्षक है जो 10-20 वर्ष से भी अधिक समय से इसी जिले के मुख्यालय क्षेत्र पर सेवाएं दे रहे हैं जो दशकों से यहां पदस्थ होने के कारण स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परिचय के कारण उनका संरक्षण पाकर अवैध कार्य में संलिप्त है।
पूर्व में कलेक्टर दुर्ग द्वारा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नियमानुसार बिना सक्षम (मान. जिला प्रभारी मंत्री/ मान. विभागीय भारसाधक मंत्री/ मान.मुख्यमंत्री ) अनुमोदन के ही मैदानी कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए जाने पर कुछ कर्मचारी ऐसे भी थे जो नियमों का हवाला देते हुए मान. उच्च न्यायालय बिलासपुर के शरण में चले गए और स्थानांतरण आदेश पर स्थगन आदेश लाकर 5-6 वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर आज दिनांक तक पदस्थ है। वहीं बहुत से कर्मचारी लम्बे समय से संलग्नीकरण का लाभ लेकर मैदानी मूल कार्यों से दूर है।
राजस्व विभाग के मैदानी कर्मचारियों में प्रशासनिक कसावट बनाने और छत्तीसगढ़ शासन के पारदर्शिता नीति को पूर्ण करने के उद्देश्य से तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ तथा मैदानी क्षेत्रों में रिक्त पद के बावजूद विभिन्न कार्यालय में संलग्न पटवारी/राजस्व निरीक्षकों का स्थानांतरण नियमानुसार सक्षम अनुमोदन के साथ यथाशीघ्र करने का ज्ञापन गुरू घासीदास सेवा समिति के सदस्य और सतनाम परियोजना के प्रांत सह प्रमुख किशोर कुमार भारद्वाज ने दुर्ग कलेक्टर को सौंपा है। वहीं ज्ञापन की प्रतिलिपि कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री, गृहमंत्री व संचालक भू-अभिलेख को भी दिया है।
