- पतोरा सरपंच ने अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने कलेक्टर से किया मांग
पाटन । पाटन क्षेत्र के कई गांवों में पिछले कई सालों से अवैध प्लॉटिंग, बेधड़क चल रही है। शासन प्रशासन लाख कहे की वह अवैध प्लाटिंग करने वालों के ऊपर कार्यवाही कर रहे हैं, अवैध प्लॉटिंग रोकने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं, परंतु शासन के सारे नियम धरे के धरे रह जाते हैं, जब शहरी क्षेत्र से लगे इलाकों में खुलकर अवैध प्लॉट का कार्य किया जा रहा है।
दुर्ग पाटन मुख्य मार्ग में सड़क के दोनों किनारे पतोरा से पाटन, अमलेश्वर से फ़ुंडा तक कई जगहों पर अवैध प्लाटिंग हो रही है। सड़क के दोनों किनारे जमीन उपलब्ध होने की सूचना भी लगा हुआ है। इसी सड़क मार्ग से क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है बावजूद इनके ऊपर कारवाही नहीं होता है।
ग्राम पतोरा में अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने विगत दिनों समाधान शिविर में सरपंच भुनेश्वर साहू ने कलेक्टर दुर्ग के नाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाटन को आवेदन दिया था। सरपंच भुनेश्वर साहू ने बताया कि ग्राम पतोरा में बीते कुछ दिनों से अवैधानिक रूप से प्लाट कटिंग की जा रही है। जिसे कारण किसानों को कृषि कार्य में मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। अवैध प्लाटिंग करने वालों के द्वारा सिंचाई नाली अवरुद्ध कर दिए जाने से पानी निकासी की समस्या होती है।
क्षेत्र के ग्राम पतोरा, सेलूद, फुंडा, मोतीपुर, सांकरा, पाहंदा सहित अन्य गांवों में अवैध प्लाटिंग करने वालों का बोल बाला है। किसानों से आम मुख्तियार और सस्ते कीमत पर जमीन खरीद कर, शासन के नियमों का उल्लंघन करते हुए, खुलेआम दलालों का समूह सक्रिय होकर अवैध प्लाटिंग अंजाम दे रहा है।
कृषि भूमि को आवासीय करने की प्रक्रिया में विभागीय अधिकारियों की मिलेगी भगत से नामांतरण और प्रमाणीकरण की कार्यवाही भी निरंतर जारी है, अपनी जिंदगी भर की कमाई से सपनों का महल बनाने की ख्वाहिश रखने वाली आम जनता दलालों के बड़े-बड़े वादों के झांसे में फंसकर उनके बताएं स्थान पर महंगे दामों में जमीन खरीद रही है, जब दलाल जमीन बेचकर निकल जाते हैं, उसके बाद इस तरह की अवैध कालोनियां अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए ग्राम पंचायत और शासन को गुहार लगाने आते है। अवैध कॉलोनी के विकास के लिए किसी प्रकार की योजना नहीं होने के कारण जमीन खरीदने वाले बाद में पछताते हैं।लोगों को इन सबकी जानकारी होने के बावजूद भी जमीन दलालों के चक्कर में पढ़कर प्लाट खरीदी कर रहे है।
क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की कई बार शिकायतें हो चुकी है। कुछ स्थानों पर अवैध प्लाटिंग करने वालों के ऊपर कारवाही भी हुआ है। उसके बाद भी उन्हीं जगहों पर खुलेआम अवैध प्लाटिंग कृषि भूमि के छोटे-छोटे टुकड़ों में खरीदी बिक्री जारी है। कृषि भूमि होनें के बाद भी संबंधित हल्का पटवारी और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा संज्ञान ना लेना कहीं ना कहीं मिली भगत की ओर भी इशारा करता है।
