- सिक्स लेन सड़क ठेकेदार की लापरवाही से ग्रामीण परेशान
पाटन। ग्रामीणों ने जब सिक्स लेन सडक बनने की बात सुनी तो बहुत खुश हुये थे कि जिन किसानों का जमीन सड़क में निकलेगा उसे बहुत अधिक मुआवजा भी मिलेगा और बाकी बची जमीन की कीमत भी बहुत बढ़ जायेगा ।लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ बल्कि अपने साथ ढेरो मुसीबतों के साथ सिक्स लेन सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है सड़क निर्माण में एस एम एस कम्पनी के द्वारा निर्माण कार्य करने के लिए मुख्य सड़कों से डायवर्शन सड़कें बनाया गया है उन सड़कों में बड़े बड़े गड्ढे और धुल के गुबार उडने से राहगीर व ग्रामीण परेशान है । मिट्टी मुरम गिटटी फ्लाई ऐश सेलुद,देवादा, चुनकट्टा,अरसनारा, मुडपार के सड़कों में परिवहन करने के कारण सड़कों में धूल और प्रदूषण बढ़ गया है । वही अत्यधिक संख्या में तेज रफ्तार वाहनो के चलने के कारण दुर्घटना भी बढ गया है पर्याप्त संकेतको व सुविधाओं का प्रयोग नहीं किया है ।मार्ग परिवर्तित वाले स्थानो में लाइट के अभाव के कारण बहुत सी दुर्घटनाएं हो रही है ।सड़क बनाने फ्लाई एश और मिट्टी की उड़ती धूल को कम करने के लिए ठोस पहल नही किया जा रहा है । पानी सिर्फ दिखाने के लिए दिन में एक दो बार डाल दिया जाता लेकिन ठेकेदार की उदासीनता के चलते खासकर सेलुद चुनकट्टा और मुड़पार के ग्रामीण धूल के गुबार में जीने को मजबूर है साथ ही सड़क पर साइकिल और दोपहिया वाहन चलाना भी जान हथेली पे लेकर चलने के बराबर है क्योंकि जब बड़ी बड़ी हाईवा गाड़िया सड़क से गुजरती है तो धूल के गुबार में सड़क पर चलने वाले अन्य व्यक्ति को कुछ दिखाई ही नही देता खदान क्षेत्र होने व सिक्स लेन में लगे सैकड़ों वाहनो के कारण रोजाना बड़ी -बड़ी हाईवा ट्रक ,ट्रेक्टर आदि गाड़िया इसी सड़क से होकर चलती रहती है जिसके कारण दिन भर भारी धूल उड़ता रहता है जिसके कारण स्कूली व कालेज के छात्र छात्रायें व्यापारी व ग्रामीण बहुत परेशान है । रोड के किनारे ही राशन दुकान ,साप्ताहिक बाजार ,प्राथमिक स्कूल, दो आंगनबाड़ी केंद्र, कलामंच, ग्राम पंचायत ,कर्मा भवन,उप स्वास्थ्य केन्द्र भवन ,प्रसव केंद्र व आसपास ग्रामीणों के घर व संस्थायें स्थित है जिसमे रोजाना ग्रामीणों का आना जाना लगा रहता है लेकिन धूल और प्रदूषण की वजह से ग्रामीणों के आंख में एलर्जी ,जलन ,खांसी ,दमा ,टीबी, सिलिकोसिस ,बालो का झड़ना,त्वचा सम्बन्धी रोग आदि स्वास्थ्यगत समस्याएं प्रारम्भ हो गयी है साथ ही नवजात शिशुओं को धूल से अत्यधिक परेशानी होना बताया जा रहा है बच्चो को डस्ट के कारण गंभीर फेफड़ों के बीमारी से जूझना पड़ सकता है क्योंकि छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। समस्या बताने पर टैंकर से रोजाना पानी डलवाने की बात कही जाती लेकिन वह सिर्फ खानापुर्ति होता है।
