आरोपी की पत्नी से मोबाइल में बात करता था मृतक,बड़े भाई और एक नाबालिक के साथ मिलकर कर दी हत्या, आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा

पाटन। उतई थाना क्षेत्र के ग्राम महका कला में दिनांक 10 मार्च 2024 को एक हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश पाटन ने दुलार सिंह निर्मलकर ने सुनवाई करते हुए दो आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आवेदक के तरफ से शासकीय अतिरिक्त लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने पैरवी की। 

जानकारी के मुताबिक उतई थाना को  दिनांक 10 मार्च 2024 को सूचना मिली कि ग्राम महका कला में कामेश्वर मार्कण्डेय के साथ लड़ाई झगड़ा की सूचना डायल 112 के माध्यम से विजय मार्कण्डेय द्वारा दिया गया था। जिसकी रिपोर्ट पर उतई पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर धारा 302 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। जिसमें पड़ोसी सुनील कुर्रे पिता शुकालू कुर्रे उम्र 37 की पत्नी दुर्गा बाई से मृतक कामेश्वर मोबाइल से बात करता था। जिसे आरोपी सुनील कुमार एक हफ्ते से सुन रहा था। जिसके बाद सुनील ने अपने बड़े भाई सुग्रीव उर्फ प्रेमलाल एवं नाबालिक के साथ मिलकर कामेश्वर को मारने की योजना बनाया और रात में उसके घर के सामने जाकर बैठ गया। सुनील अपने पास हाशिया, प्रेमलाल टांगिया तथा नाबालिक हाथबमे डंडा रखा हुआ था।जैसे ही कामेश्वर अपने भतीजा विजय के साथ मोटर साइकिल से रात को करीब 9 बजे सेलूद से अपना उपचार कराकर घर के सामने पहुंचा तब पहले से तैयार तीनों लोग कामेश्वर से बाद विवाद करने लगे। तभी तीनों ने टांगिया हाशिया और डंडा से वार कर दिया।जिससे कामेश्वर के गले पैर,और शरीर के अन्य हिस्से में मारा। जिससे कामेश्वर की घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई। विजय द्वारा बीच बचाव करने की कोशिश किया तो उसे नाबालिक द्वारा डंडा मारकर वहां से भगा दिया गया। प्रकरण की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश पाटन दुलार सिंह निर्मलकर ने 25 जनवरी को अपना फैसला सुनाया। जिसमें दो आरोपी को आजीवन करावास एवं एक एक हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है । आवेदक की तरफ से शासकीय अतिरिक्त अभियोजक शेखर वर्मा ने पैरवी की।

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