सोमवार मनाये जा रहे हमारे पारंपरिक पर्व हरेली तिहार के अवसर पर आम नागरिकों को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। हरियाली अमावस्या को मनाया जाने वाला हरेली त्यौहार का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव देखा जा सकता है। इस दिन किसान नांगर (हल) एवं कृषि औजार की पूजा करते है, जो हमारे कृषि प्रधान संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो हरेली पर्व का महत्व धरती को हरा-भरा बनाये रखने के लिए पेड़-पौधे की महत्ता को भी प्रदर्शित करता है। इस अवसर पर अंकुर संस्थान के प्रदेश संयोजक व किसान हितैषी राहुल योगराज टिकरिहा ने नागरिकों एवं किसानों की खुशहाली की कामना की है।
