- समिति में किसानों को टोकन तौलाई बारदाना से लेकर अब खरीदी बंद जैसे स्थिति का सामना कर रहे है
- पाटन ब्लाक के सांतरा समिति में धान का उठाव नहीं होने से बीते दो दिन से खरीदी बंद है
पाटन। जनपद सदस्य खिलेश बबलु मारकंडे ने कहा कि खरीदी प्रारंभ होने के बाद धान का उठाव न तो कस्टम मिलर के द्वारा किया गया है और न ही विपणन संघ के द्वारा संग्रहण केन्द्रो में भंडारण प्रारम्भ किया गया है जिससे खरीदी केंद्र में जाम की स्थिति निर्मित हो सकती है, किसानो को केवल समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान किया जा रहा है मोदी की गारंटी के अनुसार एकमुश्त रु 3100/- प्रति क्विंटल की दर से भुगतान नहीं किया जा रहा है।भारत सरकार द्वारा प्रदाय किये गये नए बारदानों का औसत वजन निर्धारित वजन से कम है और गुणवत्ता अच्छी नहीं है, धान खरीदी केन्द्रो में सुखत मान्य नहीं है जबकि भारत सरकार द्वारा आधा प्रतिशत सुखत मान्य है परन्तु साय सरकार इसका लाभ सोसायटीयों को नही दे रही है। मंडी लेबर चार्ज की अधिसूचित दर रु 34.10 प्रति क्विंटल है परन्तु इस दर के अनुसार राशि का भुगतान सोसायटीयो को नहीं किया जा रहा है।समितियों में इलेक्ट्रॉनिक तौलाई मशीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है जिसके कारण टोकन के लिए किसानो को लम्बी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है किसानो ने धान की कटाई और मिंजाई कर लिया है उसके पास धान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था नहीं है इसको लेकर किसानो में असंतोष व्याप्त हैं।
पाटन ब्लाक में धान खरीदी की स्थिति खराब है सांतरा में बीते दो दिनो से खरीदी बंद है
पाटन विधानसभा में के सांतरा धान खरीदी केंद्र पर जगह नहीं होने के कारण पिछले दो दिन से खरीदी बंद कर दी गई है। धान खरीदी के बंद होने की सूचना पर एस डी एम पाटन और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे वस्तुस्थिति का जायजा लिए। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत भी कराया लेकिन इसके बाद भी सुधार नहीं हो सका। जल्द ही धान का उठाव शुरु नहीं किया गया तो सोमवार तक पाटन ब्लॉक के आधा दर्जन से ज्यादा समितियों में खरीदी बंद करना पड़ सकता है।जिनमें फेकारी, तेलीगुंडरा, बोरिद, कुंभली, सावनी सहित अन्य समितियाँ भी प्रभावित होगा।
