- पं मिश्रा ने राष्ट्रपति,उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग किया
पाटन। अमलेश्वर में आयोजित 7 दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन शिव भक्तों का सैलाब उमड़ा। अंतिम दिन कथा सुबह 8 बजे से 11 बजे तक सुनाई गई। इसके पश्चात कथा का समापन हुआ।
शिव महापुराण के समापन दिवस पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने समुद्र मंथन की कथा संदर्भ में कहा कि मंथन सबसे पहले गौ माता निकली जो विश्व कल्याण के लिए लाई गई थी। गो माता सबकी माता है लेकिन अभी छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में गौ माता की दुर्दशा हो रही है। इसलिए वातावरण में पर्यावरण की स्थित गंभीर होती जा रही है। पंडित जी ने व्यास गद्दी से भारत देश के राष्ट्रपति,उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग किया।
पंडित जी ने आज 12 जयोतिर्लिंगो की चर्चा करते हुए उनकी महत्ता दर्शाई
जब लोगो की महता बढ़ जाती है आलोचना करने वालो की संख्या भी बढ़ जाती है तो अपने आप को भोले बाबा को समर्पण कर दो आपका भला ही होगा। भगवान भोले नाथ का द्वार कभी मत छोड़ना उनका विश्वास टूटने नही देना तो एक दिन जरूर आपकी झोली खुशियों से भर देंगे।
उन्होंने कहा कि अहंकार का तूफान आता है तो वह बड़ी-बड़ी हस्तियों को डुबो देता है। इंसान को कभी किसी भी तरह का अहंकार नही करना चाहिए। मनुष्य जन्म प्राप्त करने के बाद जिसने शिवतत्व को जान लिया तो उसकी 71 पीढ़ियां तर जाती है। कथा पूर्णाहुति पर पंडित मिश्रा ने आयोजक जिला पंचायत सभापति मोनू साहू, पवन खंडेलवाल, सागर खंडेलवाल के सिर पर शिव महा पुराण रख आशीर्वाद प्रदान किया।
कथा को लेकर समूचे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ था। कथा के आयोजनकर्ता सहित पूरी व्यवस्था में करीब 5 हजार से अधिक लोग जुटे हुए थे। पाटन क्षेत्र में पहली बार इतना बड़ा धार्मिक आयोजन हुआ है। अंतिम दिन कथावाचक मिश्रा जब यहां से रवाना हुए तो कथा में मौजूद श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
