रेत चोरों का पसंदीदा ठिकाना है चौबे बांध घाट।अवैध खनन से रेत चोर हो रहे मालामाल

खबर हेमंत तिवारी

राजिम/गरियाबंद जिले में खनिज संसाधन की लूट इस कदर मची है कि जितना लूटना है लूट लो समय कम है। रेत,मुरूम ,मिट्टी ,बोल्डर पत्थर पर खनिज विभाग और जिला प्रशासन पूरा नियंत्रण खो बैठा है।और खनिज चोरों के हाथो में जिले के खनिज संपदा सौप दिया है या फिर जिले के बड़े अधिकारी वा नेताओ की पत्तेदारी में यह अवैध खनिज चोरी जिसमे रेत घाट का दायरा बढ़ता जा रहा है।

जिस रेत की चोरी कर मालामाल हो रहे हैं तो वही गौण खनिज और इससे होने वाले राजस्व की हानि शासन को लगातार हो रही है पर इन सब चीजों की चिंता करने की फुर्सत किन को है यहां तो सबकी अपनी जेबों की पड़ी है चौबे बांध पुल के नीचे इन दिनों भारी मात्रा में यह अवैध कारोबार चल रहा है। जो सबको पता है साथ ही चिंता की बात यही है कि इस अवैध रेत खदानों से चौबे बांध पुल के ऊपर भविष्य में खतरा मंडरा रहा है।आसपास चल रहे इस अवैध घाट से भविष्य में जिस तरह इस बड़ी पुल को नुकसान हो सकता है इसका अंदाजा आज तक किसी ने नहीं लगाया है कुछ जानकार बताते हैं कि चौबे बांध पुल के नीचे चल रहे इस घाट के वजह से धीरे-धीरे इस पुलिया में दरारे व पुल का जमीन के नीचे धंसने का अंदेशा है जो आगे चलकर किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे सकता है पर जिले में बैठे अफसर शाही और नेताओं के शहर पर चल रहे इस गोरख धंधे में जो लूट मची हुई है इस वजह से किसी को कोई चिंता नहीं है खासकर जिले का यह चौबे बांध घाट सुर्खियों में रहता है चाहे धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक के उस पार से हो या गरियाबंद जिले के इस पर से यहां घाट लगातार चल रहा है। राजिम तक निकलने वाले इस मुख्य मार्ग पर सैकड़ो हाईवा गाड़ियों से उठने वाली धूल से राहगीर रोज स्नान कर रहे हैं और इन दिनों ऐसे भी शादी के सीजन है जिस वजह से इस मार्ग पर लोगो की आवाजाही बढ़ गई है ऐसे में ग्राम पंचायत के सरपंच के संरक्षण में फल फूल रहा या अवैध कारोबार की पत्तेदारी ग्राम पंचायत से लेकर जिला प्रशासन तक तगड़ा है।और घाट से सबका साथ सबका विकास हो रहा है शायद ही इसे रोक पाने में जिला प्रशासन और खनिज विभाग व राजस्व विभाग सक्षम नहीं है। अवैध रूप से बिना स्वीकृति से यह घाट महीना से चल रहा है नगर मुख्यालय राजिम से महज कुछ किलो मीटर की दूरी पर यह अवैध घाट संचालित है जिसमें कितने लोगों का हिस्सेदारी बना हुआ है।पर अगर पैरी नदी में बने इस चौबे बांधा पुलिया का के अस्तित्व के ऊपर आज खतरा मंडरा रहा है ।इसको देखते हुए तत्काल आसपास खुदाई बंद करनी चाहिए पर इन सब बातों से ना तो रेत चोरों को कोई मतलब है ना ही जिला प्रशासन को ना हीं किसी नेता या सरकार को ये सब ऐसा ही चलता रहेगा। और अवैध खनन से सबका साथ सबका विकास हो रहा है।

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