खबर हेमंत तिवारी
छूरा/ आदिवासी विकास खंड छुरा के अंदरूनी क्षेत्र में वर्षो से संचालित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरीब हितग्राहियों के घरों में नल-जल पहुंचने की योजना विभागीय के उदासीनता का भेंट चढ़ा हुआ है, तभी नल-जल कनेक्शन आज भी अधुरा पड़ा हुआ है। और इसे देख कर भी जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी जानबूझकर प्रधानमंत्री मोदी की लाभकारी योजना पर ग्रहण लगाया जा रहा है। रसेला क्षेत्र सहित विकासखंड के कई इलाकों में घरों में नल से जल पहुचाने का कागजी दावा है। शायद यही वजह से गरियाबंद जिला प्रदेश में 13 वा स्थान पर अंकित है। जानकारी अनुसार गरियाबंद जिले में 1 लाख 53 हजार 932 घरों में नल जल कनेक्शन दिया जाना है। और बीते 3 साल में अब तक 1लाख 24 हजार 391 घरों में नल से जल पहुंचाने का दावा आनलाइन किया गया है, जिसे लेकर भी कई बार सवाल खड़ा किया जाता है।

क्योंकि कई आधा अधुरा नल-जल कनेक्शन को पूर्ण बताकर ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की बात सामने आती है। और वर्तमान में रसेला सहित क्षेत्र में इस वर्ष भी नल-जल कनेक्शन से जल मिलना असम्भव है। जिसका सीधा असर लोकसभा चुनाव में पढ़ने के भी आसार दिखाई पड़ रहा है। रसेला में टंकी का निर्माण आज भी आधा अधुरा है इस तरह क्षेत्र के गांवों में भी यही हाल है। और जहां पूर्ण निर्माण हो चुका है वहां टंकी शो पीस बनकर खड़ी है। ऐसे में आधा अधुरा नल-जल कनेक्शन देने को लेकर अधिकारी, ठेकेदार के साथ साथ सरकार पर भी नाराजगी जाहिर कर सकते हैं, जिसके लिए पीएचई विभाग के प्रमुख अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

क्षेत्र में नल-जल योजनाएं का बुरा हाल देखा जा रहा है, जबकि इस योजना को सफल बनाने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है। नल-जल कनेक्शन देने का आंकड़ा अधिकारी कागजों में दौड़ा रहे हैं। वह धरातल से बिल्कुल अलग है, वहीं शासन स्तर पर वाहवाही लूट रहे हैं। जिसकी शिकायत पंचायत व भाजपा द्वारा सीधा पीएमओ जल केन्द्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, विभाग सचिव के समक्ष आचार संहिता खत्म होने के बाद दर्ज करने की बातें कह रहे हैं। क्योंकि विभागीय प्रमुख नल-जल कनेक्शन समय सीमा में देने की उम्मीद बिल्कुल नहीं है।तो वही इस बारे में अनुभागीय अधिकारी लोकयंत्रकी विभाग राजिम नवीन साहू =ने कहा कि पानी टंकी के अधूरे निर्माण को लेकर ठेकेदारों को नोटिस दी जा चुकी है अतिशीघ्र ही कार्य पूरी की जायेगी
