धान नहीं होगा खराब, मनरेगा से समितियों में बन रहे पक्के चबूतरे प्रवासी मजदूरों को मिल रहा रोजगार

बेमेतरा.किसानों के कड़ी मेहनत से उपजाए गए धान को सड़ने, खराब हाने तथा कीट पतंगों के नुकसान से बचाने की चाक चैबंद व्यवस्था अभी से होनी शुरू हो गई है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन केन्द्रों में पक्के चबूतरों का निर्माण किया जा रहा है। बेमेतरा जिले के चारो ब्लाॅकों में कुल 352 चबुतरा निर्माण, राशि 06 करोड़ 95 लाख 53 हजार रूपये की स्वीकृति किया गया है। जिसमें से 346 चबूतरा बनाने का कार्य शुरू हो गया है।
महात्मा गांधी नरेगा योजना एवं 14 वें वित्त आयोग की अभिसरण के माध्यम से जिले में 352 कार्यो की स्वीकृति किया गया है। प्रत्येक चबूतरा निर्माण हेतु ग्राम पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाया गया है। इस निर्माण कार्य की स्वीकृति से ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए है। चबूतरा बनाने के इस कार्य में मनरेगा योजना के तहत सैकड़ों ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। कलेक्टर श्री शिव अनंत तायल ने सभी चबूतरे बनाने का काम पूरी गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये है। जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रीता यादव ने बताया कि जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में धान संग्रहण केन्द्रों में 346 चबूतरा निर्माण कराया जा रहा है।

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