पानी को छानकर पीने वाले वाणी को भी छानकर पीएं और पिलाए,आनंद से जीने की आदत बनाए ,,गौतमचंद चौरडिया ,,,,इस बार परिक्षेत्र का 30 वा महोत्सव 21 अप्रैल 2024 को बटरेल में तय,,,आजीवन महोत्सव मनाने गांव सर्किल तय,,,

जामगांव आर। परिक्षेत्रीय महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति ने 2 अप्रैल 2024 की रात्रि मंगलवार चोरड़िया परिसर में बौद्धिक सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमे परिक्षेत्र स्तर पर महोत्सव का 30 वा आयोजन 21 अप्रैल 2024 रविवार को बटरेल में आयोजित होना तय हुआ। इस वर्ष महोत्सव संचालन के लिए अध्यक्ष यादमल गोलछा बेलहारी कोषाध्यक्ष गौतमचंद चौरडिया बटरेल सदस्य संतोष जैन ओद्ररागहन प्रमोद जैन सुरपा को स्वतंत्र प्रभार प्रदान किया गया। 2023 की महोत्सव समिति ने आय व्यय का हिसाब देते हुए अध्यक्ष प्रेमचंद चौरडिया ने 2024 महोत्सव समिति के अध्यक्ष यादमल गोलछा को सम्पूर्ण पदभार तिलक लगाकर सौपे। जामगांवआर, रानीतराई ओदरागहन बेलहारी सुरपा बटरेल जैन श्री संघ के सदस्य मिलकर परिक्षेत्र स्तरीय महावीर जन्म कल्याणक समिति का गठन सन 1993 में किए गए थे तब से अब तक कोरोना काल के दो वर्ष को छोड़ महोत्सव स्थान तयकर सफलता पूर्वक समिति द्वारा अनेकों उपलब्धि के साथ अनवरत जारी हैं।जो प्रेरणा दायी मिशाल प्रस्तुत कर अनेकों संघों को एकता का संदेश दे रही है।उल्लेखनीय है कि इस बौद्धिक सम्मेलन में आजीवन महोत्सव मनाने के लिए स्थान नियत किए।जो बहुत बड़ी कामयाबी और मिशाल बनी।नासमझी और अहंकार भरी वाणी रिश्तों को तहस नहस कर देती है,,,,बौद्धिक सम्मेलन में 70 वर्ष पार गौतमचंद चौरडिया ने कहा कि पानी को छानकर पीने वाले लोग वाणी को भी छान कर पीना और पिलाना सीखे जीवन में बहार आने लगेगी। अच्छे व्यवहार के धनी बन जायेंगे।सजगता पूर्वक चिंतन करके देखे तो अधिकांश संबंध वाणी बिगाड़ रही है जिससे जीवन में आनंद का रस कम होने लगा है। आल इज वेल की बनावटी मुस्कुराहट से सब परिचित है दर्द तो झलकता लाख छुपाएं नही छुपता, घर परिवार में तनाव का बहुत बड़ा कारण नासमझी और अंहकार भरी वाणी ही तो दृष्टिगोचर हो रही है। संभले आनंद से रहे और आनंद से रहने दे।युवा आपदा को अवसर में बदलना सीखे जीवन संवर जाएगी,,,,बौद्धिक सम्मेलन में 60 वर्ष पार ए के गोलछा ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा है ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करने के लिए रफ एण्ड टफ बोल चाल विचारो से परहेज करते हुए अच्छे व्यवहार के मालिक बने।उन्होंने कहा कि आपदा या समस्या जीवन का अभिन्न अंग है युवा आपदा को अवसर में बदलने की कला सीखे जीवन संवर जाएगी।विरासत में मिले अच्छे संस्कारों को सहेजे गलत संगत और संस्कार से बचे तभी घर परिवार समाज देश में अच्छा रोल प्ले आप कर पाएंगे।समाज संस्कार का स्त्रोत है समाज की मजबूती में स्व स्फूर्त योगदान देना सीखे,,,,बौद्धिक सम्मेलन में 50 वर्ष पार चंद्र कैलाश बैद ने कहा कि संगठन में शक्ति है सबकी बातो को समझकर निर्णय ले तो संगठन में मजबूती आती है।समाज जितना मजबूत होगा घर परिवार में उतना अच्छा संस्कार का वातावरण बनेगा।आज संस्कार का स्तर गिरने से हर कोई चिंतित है लेकिन संस्कार के स्त्रोत समाज की मजबूती में जो योगदान मिलना चाहिए वह नजर नहीं आ रहा है।युवा सदस्य आशीष राय सोनी ने कहा कि समाज हमे देता है सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखे।सराहनीय योगदान यादमल और संतोष का रहा,,,,परिक्षेत्र के बटरेल बेलहारी सूरपा ओदरागहन में एक एक घर जैन परिवार है इन्हे व्यवस्था मैनेज करने में तकलीफ आती थी और ये पारी आते ही तकलीफ महसूस करते थे।इस वर्ष इन्ही एकल परिवार सदस्य यादमल गोलछा और संतोष चोरड़िया से बहुत सरहनीय प्रस्ताव लाए कि एकल परिवार वाले चारो गांवो को एक ग्रुप मानकर महोत्सव का संचालन किया जाए।जिसे हर्ष हर्ष जय जय की ध्वनि के साथप्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित कर दिया गया और आजीवन ग्रुप वाइस गांवो में अल्टरनेट महोत्सव संचालन की व्यवस्था बन गई।महोत्सव समिति परिवार के 100 सदस्य देंगे सहभागिता,,,,गोवर्धन चंद कोचर ,सुरेश वैद ,चंद्रकैलाश वैद प्रेमचंद चोरड़िया हस्तीमल चोरड़िया मनीष जैन ,आसकरण गोलछा निर्मल रायसोनी यशवंत रायसोनी जवरीलाल छाजेड़ आशीष रायसोनी भविष्य रायसोनी पुनमचंद चौरडिया जिनेश जैन प्रमोद जैन यादमल गोलछा गौतमचंद चौरडिया परिवार के 100 सदस्य महोत्सव में यथायोग्य आगवानी स्वागत सहयोग में सहभागिता अदा करेंगे। सुनीता चौरडिया मिथुन अभिषेक रानी जैन ने व्यवस्था में सराहनीय सहयोग प्रदान किए।

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