देवरीबंगला / नर्मदाधाम सुरसुली में स्वास्थ्य मितानिन कार्यक्रम के अंतर्गत 28 वे चरण के प्रशिक्षण के दौरान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। मितानिन कार्यक्रम की ब्लॉक समन्वयक शोभा शर्मा ने कहा कि ईश्वर ने महिलाओं को असीम शक्ति प्रदान की है। इसलिए आप घबराए नहीं। निडर होकर अपने कार्यक्षेत्र में कार्य करें। दुनिया को इस बात का एहसास कराएं कि आप भी किसी अन्य व्यक्ति से किसी भी प्रकार से कम नहीं है।नारी होना सौभाग्य का विषय : खेमीन झारयामितानिन प्रशिक्षक खेमीन झरिया ने कहा कि आज के समय में नर एवं नारी दोनों ही बराबर है। इसलिए अपने को कभी भी कमतर न समझे। नारी सृजन कर्ता है। इसलिए पूर्व काल से अब तक नारी होना सौभाग्य का विषय माना गया है। इस बात को ध्यान में रखकर स्वयं पर गर्व करें।

उन्होंने नारी शक्ति से संबंधित प्रेरक गीत प्रस्तुत किया।नारी है तो सृष्टि है : केशव शर्मामितानिन प्रशिक्षक केशव शर्मा ने अपने प्रारंभिक उद्बोधन में कहा कि यदि नारी नहीं होती तो यह सृष्टि भी नहीं होती। इसलिए मानव जीवन के आरंभ से लेकर अंत तक नारी के बिना सबकुछ अधूरा है। आप एक पिता, पति, भाई, बेटा तभी हो सकते हैं जब नारी का वजूद संसार में रहे।मेरा सौभाग्य है आपका सम्मान : रेगाडबरी की मितानिन प्रशिक्षक दीपमाला श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा सम्मान तो गाहे-बगाहे हो ही जाता है। लेकिन आज इस अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह के अवसर पर हम सभी लोगों को महिलाओं का सम्मान करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में प्रशिक्षक ममता साहू, प्रमिला ठाकुर, प्रीतम साहू, रोहित चुरेंद्र, मितानिन सविता गजभिए, कुमारी ठाकुर, गिरजा ठाकुर सहित 94 मितानिन उपस्थित थी।
