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शासकीय कन्या स्कूल छुरा में मिलेट अनाज के गुणों के बारे में बताया*

*छुरा…..अंतरराष्ट्रीय पोषण अनाज विशिष्ट माह जनवरी 2023 पोषक मिलेट तहत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छुरा प्रांगण में कृषि विभाग से श्री रोमन लाल ठाकुर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा उपस्थित छात्राओं को मिलेट कोदो कुटकी रागी ज्वार एवं बाजरा आदि के पोषक मान गुणों एवं खाद्य सुरक्षा की जानकारी दिया गया तथा छात्राओं को मिलेट की जानकारी दिया गया है। मिलेट को दैनिक आहार में शामिल करने से हमारे स्वास्थ्य पर इसका मिलेट के पोषक मूल्य उच्च होते हैं जिसमें कैल्शियम आयरन एमिनो एसिड प्रोटीन फास्फोरस आदि प्रचलित आहार चावल गेहूं से अधिक होते हैं । प्रांगण में उपस्थित सभी छात्राओं को मिलेट के बारे में बताया गया मिलेट एक प्रकार का अनाज है जिसे लघु धान्य भी कहते हैं मिलेट में दो तरह के अनाज आते हैं एक मोटा अनाज और दूसरा छोटे दाने वाले आना दोनों पोएसी फैमिली के अंतर्गत आते हैं सामान्य तौर पर मिलेट से लोग को बाजरा का ध्यान आता है इसका कारण यह है कि बाजरा मिलेट में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है । अनाज को तीन श्रेणियों में रखा गया है कि नॉर्मल अनाज जिसमें धान और गेहूं आता है जोकि कई लोगों का मत है कि इनका लगातार सेवन करते रहने से भविष्य में कई तरह की बीमारियों की संभावना रहती है,पॉजिटिव अनाज कोदो रागी कंगनी कुटकी ज्वार बाजरा यह सब अनाज आता है । रागी को मड़ीया के नाम से भी जाना जाता है इसे अंग्रेजी में फिंगर मिलेट भी कहते हैं यह राई के दाने की तरह गोल गहरे भूरे रंग का चिकना दिखता है आयरन से भरपूर रागी रेड ब्लड सेल में हिमोग्लोबिन का उत्पादन करने के लिए एक जरूरी ट्रेस मिलर है इसमें कैल्शियम और पोटेशियम की मात्रा भी सबसे ज्यादा होती है रागी के कैल्सियम का बेहतरीन स्रोत है सौ ग्राम रागी में 344 मिलीग्राम कैल्शियम प्राप्त होता है फाइबर से भरपूर होने की वजह से रागी पेट में पचने में समय लगता है जिससे व्यक्ति को काफी देर तक भूख नहीं लगती और वजन बढ़ने की संभावना बहुत कम हो जाती है इसका उत्पादन आसानी से किया जा सकता है इसको खरीफ के साथ रबी में उत्पादन किया जा सकता है , जिसमें खर्चा बहुत कम है और पानी भी बहुत कम लगता है। जिसके कारण किसानों को आर्थिक एवं स्वास्थ्य रूप से मजबूत बनाता है । स्कूली बच्चो को रागी कोदो कुटकी आदि मिलेट के पोषक गुणों के कारण दैनिक आहार में शामिल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कृषि अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना रफ्तार के तहत रागी फसल प्रदर्शन का 300 हेक्टर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है हम लोग विकासखण्ड छुरा के किसानों को रागी बीज का वितरण कर उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। किसानों को बीज उत्पादन में पंजीयन करा कर बेचने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। जिससे किसानो फसल का अच्छा मूल्य मिल सके ।स्कूल के छात्राओं के साथ प्राचार्य के के साहू , चंद्रवती सिन्हा, भूपत कनोजे, लॉरेंस महिलाने ,रेखा प्रधान, हूमेश्वरी ठाकुर, नेहा जायसवाल, वंदना देवांगन, मधुबाला साहू, एकता शर्मा,युवराज कंवर ,मोहन लाल ध्रुव, नागेंद्र देवांगन एवं मिथलेश सिन्हा ,डोमेश्वर कुमार ध्रुव पी.टी.आई आदि शिक्षक उपस्थित थे।

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