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समाज के बदलते स्वरूप का संस्कृति पर प्रभाव विषय पर वैचारिक गोष्ठी,अखिल भारतीय कवि सम्मेलन,अटल गौरव सम्मान कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न*

रायपुर,,, *24 दिसम्बर 2022 को वृंदावन सभागार,सिविल लाइन,रायपुर में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजन किया गया।समारोह का सुबह 11 बजे उदघाटन दीप प्रज्वलित कर जय जय भैरवी गीत के मंगलाचरण के साथ किया गया,समारोह का संचालन प्रोफ़ेसर डॉ.वैशाली गोलाप द्वारा किया गया**समारोह के प्रथम वक्ता पंडित नर्मदा प्रसाद मिश्र ने कहा कि साहित्य और समाज एक दूसरे के पूरक हैं।किसी भी साहित्य का निर्माण साहित्यकार द्वारा समाज में रह कर ही किया जाता है।डॉ. महेंद्र कुमार ठाकुर ने अपने वक्तव्य में कहा कि संस्कृति समाज को दिशा दृष्टि देने में अपनी अहम भूमिका का निर्वहन करती है।संस्कृति और सभ्यता में बहुत अंतर है। पंडित अमरनाथ त्यागी ने कहा कि सभ्यता परिवर्तनशील है।संस्कृति शाश्वत है।समाज प्रभावित होता है -सभ्यता से,संस्कृति से और साहित्य से।संस्कृति अपरिवर्तनीय है। सभ्यता बदलती रहती है।श्री प्रवीण झा ने कहा कि परिवार में बच्चों को आज के समय मे संस्कार बगत जरूरी है,डॉ. सुमन मिश्र ने कामायनी का उदाहरण देते हुए कहा कि परिवार और बुजुर्गों का सम्मान बहुत जरूरी है* *समारोह के मुख्य अतिथि श्री विकास उपाध्याय जी,संसदीय सचिव और विधायक रायपुर पश्चिम ने कहा कि आज समाज बदल रहा है जो साहित्य और सभ्यता को प्रभावित कर रहा है परंतु संस्कृति अक्षुण्ण है।जो इन सभी को दिशा दृष्टि देने की सामर्थ्य रखती है।आज परिवार को जोड़ने के लिए,बच्चों के लिए संस्कार जरूरी है।** *समारोह के अध्यक्ष आचार्य रमेन्द्र नाथ मिश्र ने कहा कि समाज बदल रहा है,सभ्यता बदल रही है,साहित्य सृजन में भी बदलाव दृष्टिगोचर हो रहा है।आज रचनाकारों के समक्ष बहुत बड़ी चुनौती खड़ी है,उस चुनौती से लड़ने की शक्ति कहां से मिलेगी?उन्होंने मां सीता के समय से छत्तीसगढ़ राज्य का संबंध होना बताए।इस कार्यक्रम में डॉ.चितरंजन कर,डॉ.महेंद्र कुमार ठाकुर, सुरेंद्र रावल,डॉ.मृणालिका ओझा,डॉ.सुमन मिश्र मंचस्थ अतिथियो ने भी समारोह में अपने विचार प्रकट किए।इसके पूर्व स्वागत भाषण में संयोजक मनीष कुमार झा ने समाज का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और मुख्यातिथि जी को बताए कि आपके माध्यम से समाज के प्रांतीय भवन के लिए जमीन की मांग और छत्तीसगढ़ मैथिली अकादेमी की स्थापना का पत्राचार शासन स्तर पर प्रगति में है।श्री विकास उपाध्याय जी ने कहा कि दोनों ही मांगे मैं पूरी करवाने के लिए समाज के प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास जल्द लेकर जाऊंगा, आप 2023 मे बहुत बड़ा सामाजिक सर्व समाज, सर्वधर्म सम्मेलन करवाने का प्रयास करे,मैं इसमें पूरी सहायता करूँगा।इस अवसर पर श्रीमती अनिता झा की पुस्तक लाल चौरा का विमोचन किया गया। छत्तीसगढ़ की कुछ प्रमुख सामाजिक,सांस्कृतिक, साहित्यिक,मानव सेवा, पर्यावरण के लिए कृतसंकल्प संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया। गरिमामय समारोह मे छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर,दुर्ग,जांजगीर, कोंडागांव,भिलाई,कोरबा, रायपुर से लोग उपस्थित हुए।दुर्ग से वरिष्ठ पत्रकार आशीष ठाकुर, रामविजय शर्मा, अमरनाथ त्यागी को अटल गौरव सम्मान,श्रीमती अनिता झा को भारती मंडन मिश्र सम्मान,संस्थाओं में वक्ता मंच को सामाजिक, राष्ट्रीय चेतना के लिए, चरामेति को मानव सेवा के लिए,नवरंग काव्य मंच को साहित्यिक गतिविधियों के लिए,मैथिल ब्राह्मण युवा मंच को सामाजिक कार्यो के लिए,बंच ऑफ फूल्स को पर्यावरण के लिए अटल गौरव सम्मान 2022 से सम्मानित किया गया।।*

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