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बलात्कार के अभियुक्त को बीस वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित

बेमेतरा(सुनील नामदेव)। नवागढ़ क्षेत्र में हुए दुष्कर्म के मामले में विशेष प्रकरण में सुनवाई किया जाकर संदेह से परे सिद्ध होने पर फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट), जिला- बेमेतरा के विद्वान पीठासीन अधिकारी, श्रीमती मधु तिवारी, अपर सत्र न्यायाधीश के द्वारा दिनांक 20.12.2022 को निर्णय पारित कर अभियुक्त दुर्गेश्वर चौहान पिता शिव चौहान, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम झाल, थाना नवागढ़, जिला बेमेतरा (छ.ग.) को बीस वर्ष का सश्रम कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित करने का निर्णय पारित किया छ.ग. राज्य की ओर से सतीश वर्मा, विशेष लोक अभियोजक, बेमेतरा ने पैरवी की।

अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता के पिता के द्वारा थाना नवागढ़ में दिनांक 19.12.2019 को उपस्थित होकर इस आशय की मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि- दिनांक 15.12.2019 को वे लोग परिवार सहित रात्रि 10:00 बजे खाना खाकर सो गये थे। वह रात्रि करीब 2:00 बजे उठा, तो देखा कि पीड़िता बिस्तर में नहीं थी, जिसका आसपास पता किया, सुबह रिस्तेदारी में तथा पास-पड़ोस में पता किया, पता नहीं चला, गांव में पता करने पर गांव के दुर्गेश्वर चौहान भी गांव में नहीं होने का पता चला। उसको संदेह हुआ कि उसकी नाबालिक पुत्री / पीडिता को उसके अभिरक्षा से बहला फुसलाकर भगाकर वह ले गया है, उक्त मौखिक रिपोर्ट पर आरोपी के विरुद्ध थाना नवागढ़ के द्वारा अपराध क्रमांक 337 / 19, अन्तर्गत धारा 363 भा.दं.सं. के तहत् पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।

विवेचना के दौरान पीड़िता के पिता की शिकायत पर गुम इंसान क्रमांक 45 / 19 दर्ज कर प्रथम सूचना लेखबद्ध कर घटना स्थल का नजरी नक्शा तैयार किया गया, तथा पीड़िता को खोजबीन के दौरान अभियुक्त दुर्गेश्वर चौहान के कब्जे से साम्राज्य नवनिर्माण कालोनी जिला रायपुर से गवाहों के समक्ष बरामद किया गया। विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध अपराध सबुत पाए जाने पर अंतिम प्रतिवेदन तैयार कर आरोपी के विरूद्ध भा.द.संहिता की धारा 363, 366 376 तथा अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की धारा 3(2) (v) एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6, 12 के तहत् विचारण हेतु सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

इस सत्र प्रकरण में अभियोजन की ओर से 15 साक्षियों के कथन कराये गये, विशेष प्रकरण में सुनवाई किया जाकर संदेह से परे सिद्ध होने पर फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट). जिला- बेमेतरा के विद्वान पीठासीन अधिकारी, श्रीमती मधु तिवारी, अपर सत्र न्यायाधीश के द्वारा दिनांक 20.12.2022 को निर्णय पारित कर अभियुक्त दुर्गेश्वर चौहान पिता शिव चौहान, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम झाल, थाना नवागढ़, जिला बेमेतरा (छ.ग.) को धारा 363 भा.द.वि. की दोषसिद्धि पर 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500/- रु. अर्थदण्ड एवं धारा 366 भा.द.वि. की दोषसिद्धि पर 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500/- रू. अर्थदण्ड तथा धारा 42 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के परिप्रेक्ष्य में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 (2) (एन), 376 (3) एवं धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में से गुरूत्तर मात्रा के दण्ड की धारा 6 पॉक्सों एक्ट की दोषसिद्धि पर बीस वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2,000/- रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया इस सत्र प्रकरण में छ.ग. राज्य की ओर से सतीश वर्मा, विशेष लोक अभियोजक, बेमेतरा ने पैरवी की।

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