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पीडीएस के चावल को राइस मिलो में खपाने बिचौलिए सक्रिय,,,,, पीडीएस के चावल का क्षेत्र में चल रहा गोरखधंधा, विभाग जानते हुए भी नही करना चाहते कार्रवाई

हेमन्त तिवारी की खबर,, फिंगेश्वर- इन दिनों फिंगेश्वर ब्लाक के लगभग सभी गांवो में शासन के पीडीएस योजना के तहत राशनकार्डधारियों को मिलने वाले चावल का गोरखधंधा बड़ी तेजी से फल फूल रहा है।,और यह यह नया व्यवसाय खूब तेजी से गांवो और शहरों में पैर पसार रहा है ।तो दूसरी तरफ पैसे लेकर राशन कार्ड भी धड़ल्ले से बनाया जा रहा है l और मौजूदा सरकार मुक्त में राशन बांटने का डिंडोरा पीट रहा है । जैसे ही राशन वितरण केंद्र से चावल खरीदकर हितग्राहियों द्वारा निजी दुकानों में ऊंची कीमत पर बेचा देता है। गांव के किराना दुकान से इस चावल को राइस मिलो तक खपाने के लिए ब्लाक में दर्जन भर बिचौलिए सक्रिय हैं। जो निजी दुकानों में खरीदे गए चावल को राइस मिलो तक खपा रहे हैं। इस बात की खाद्य विभाग को जानकारी होने के बावजूद इस कार्य में संलिप्त लोगो के ऊपर कोई कार्रवाई नही होने से मिलीभगत होने का प्रतीत हो रहा है। ज्ञात हो कि क्षेत्र में शासकीय राशन वितरण केंद्र से राशन वितरण होते हैं तो जरूरत मंद लोग तो अपने घरों में चावल का उपयोग करते हैं, लेकिन जिन लोगों को शासकीय राशन दुकान के चावल को नही खाते वे लोग उक्त चावल को किराना दुकानों या बिचौलियों के पास 15 से लेकर 20 रूपया किलो में बेंच देते है । या फिर उसके बदले गेंहू या पतला चावल या फिर किराना समान खरीद लेते हैं। गुरुवार को ऐसा ही एक बिचौलिया का सामना हुवा । सूत्रों से जानकारी मिली कि तरीघाट अंचल के एक ग्राम में राशनकार्ड हितग्राहियों के खरीदे गए चावल को एक दुकान से मिल में खपाने के उद्देश्य से छोटा हाथी में लादकर ले जाया जा रहा था। उक्त गाड़ी का पीछा किया गया तो पता चला कि चावल के इस गोरखधंधा कार्य महीनों से नही सालो से चला आ रहा है। इस पर संवाददाता द्वारा चावल भरे गाड़ी का फोटो लिया गया तो उक्त बिचौलिए ने संवाददाता का फोटो लेने लगे तो मना कर दिया और लगातार चल रहे इस गोरखधंधे का विभाग को जानकारी होने के बात बताई । और उसने यह भी बताया कि इस पीडीएस के चावल को कई ग्राम के किराना दुकानो से खरीदकर हम अपने एक बड़े बिचौलिए को देते है। वहा से वाह राइस मिलों तक पहुंचाता है ।आगे उसने पूछने पर और बताया की यह चावल खरीदने का काम बहुत पहले से कर रहे हैं। हमारा नीचे से लेकर ऊपर तक सेटिंग है। इसमें आप खबर भी प्रकाशित करोगे तो हमारे ऊपर कोई कार्रवाई नही होने वाला है। क्योंकि हमारा सेटिंग नीचे से लेकर ऊपर तक है। यही वजह है कि इन लोगों के ऊपर अब तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नही किया जा रहा है। और पूरा खेल सेटिंग का है । और जब विभाग के कर्मचारी अधिकारी को फोन लगाया जाता है तो वे फोन नही उठाते है ।सबसे जायदा नुकसान उन गरीबों को होता है जिनको एक माह में मिलने वाले चावल उनको नही पूर्ति होता ऐसे में वे खुले बाजार से ऊंची दाम में चावल को उसी किराना दुकान से फिर खरीदते है । जहा आमिर राशन कार्ड हितग्राही बेचे रहते है। और इस प्रकार आमिरो के लिए यह मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना कमाई का नया जरिया बना हूवा है । जरूरत मंद का राशन कार्ड नही बन पा रहा तो अमीरों के घरों में तीन से चार राशन कार्ड है । जिले और ब्लॉक में बैठे जिम्मेदारों की सुस्त रवैया के कारण इस गोरख धंधे में बड़े व्यापारी खूब मालामाल हो रहे है । तो गरीब एक एक दाने के लिए तरस रहे ।।।

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