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पाटन में तहसील स्तरीय गुरू घासीदास जयंती समारोह 6 जनवरी 2023 को

  • कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को अतिथि के रूप में नहीं आमंत्रित करने का निर्णय सर्व सम्मति से पारित
  • 16%आरक्षण कटौती से समाज में नाराज़गी के कारण लिया गया निर्णय
  • अजा वर्गों के लिए आगामी विधानसभा सत्र में संख्यात्मक क्वांटिफाईबल डाटा एकत्रित व पारित कर जनसंख्या अनुपात में आरक्षण लागू करने की मांग

पाटन। तहसील सतनामी समाज पाटन कई वर्षों से तहसील स्तरीय गुरू घासीदास जयंती समारोह का आयोजन छेरछेरा पुन्नी पर करते आ रहा है। जहां भव्य आयोजनों के माध्यम से गुरू घासीदास जी के विचारों एवं कार्यो को जन- जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता रहा है।साथ ही साथ प्रत्येक वर्ष अतिथि के रूप में प्रदेश के मुखिया से लेकर अन्य प्रतिष्ठित पदाधिकारियों को आमंत्रित कर उनके सामने जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण सहित समाज की भावनाओं -अपेक्षाओं को बेबाकी के साथ रखते रहे हैं।
तहसील सतनामी समाज पाटन के सचिव कौशल रात्रे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है कि तहसील स्तरीय गुरू घासीदास जयंती समारोह आयोजन के संदर्भ में एक आवश्यक बैठक 19 दिसंबर को सतनाम भवन पाटन में आयोजित किया गया जिसमें सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया जिसके तहत आगामी 6जनवरी को प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी तहसील स्तरीय गुरू घासीदास जयंती समारोह आयोजित करने सहित 16%आरक्षण कटौती से वर्तमान सरकार के प्रति अनुसूचित वर्गों सहित सतनामी समाज में व्याप्त नाराजगी के मद्देनजर मुख्यमंत्री को इस बार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
साथ ही साथ समाज के भावनाओं के अनुरूप अजा वर्गों को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व प्रदान करने हेतु पाटन विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सतनामी समाज ने मांग किया है कि सरकार जल्द अजा वर्गों की गिनती कर संख्यात्मक क्वांटिफाईबल डाटा आगामी विधानसभा सत्र में पेश करें एवं जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण लागू करने प्रस्ताव पारित करें।
विदित हो कि विगत दिनों तहसील सतनामी समाज पाटन का 27 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष सोहन बघेल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री से भेंट कर समाज की भावनाओं से अवगत कराते हुए जल्द समाधान की अपेक्षा रखी थी। जिसमें अपिव के संख्यात्मक डाटा एकत्रित करने हेतु पटेल कमेटी की तरह एक समिति का गठन कर जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने सहित पदोन्नति में आरक्षण व आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में सरकार द्वारा अजा वर्गों को प्रतिनिधित्व से वंचित कर दिया जाना प्रमुख विषय था।
बता दें कि अनुसूचित जाति वर्गों सहित सतनामी समाज के वर्तमान सरकार से नाराज़गी का एक और कारण इस सरकार द्वारा पूर्व में अपने पिंगुआ कमेटी के क्वांटिफाईबल डाटा को केबिनेट बैठक सहित विधानसभा में पारित व उच्च न्यायालय बिलासपुर में दाखिल पश्चात भी उसमें निहित अपर्याप्त प्रतिनिधित्व के बावजूद पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने उचित पहल नहीं करने व समान्य वर्गों से लाखों पदों को भरने से आसमान प्रतिनिधित्व की खाई को पाटने के बजाय और बड़ा करने से नाराज़गी और बढ़ी है व अपने संवैधानिक अधिकारों के सुरक्षा के प्रति सरकार के नियत पर शक पैदा कर दी है।
बैठक में तहसील सतनामी समाज पाटन के अध्यक्ष सोहन बघेल, उपाध्यक्ष शिवप्रसाद देशलहरे, सचिव कौशल रात्रे, महासचिव दिनेश टंडन, कोषाध्यक्ष शिवनंदन बंजारे, संरक्षक शीतकरण महिलवार, जोन अध्यक्ष पुरेन्द्र जांगड़े समाजिक कार्यकर्ता राजेश बघेल,ज्ञानेश कुर्रे सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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