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आखिर कब तक कहलाएंगे बिना स्कूल के बड़े गुरुजी ? – मंगलमूर्ति* *मुख्यमंत्री से मिलकर करेंगे त्वरित पदस्थापना की मांग

** *छुरा :-* गरियाबंद जिले में बिना स्कूल के बड़े गुरुजियों को मुख्यमंत्री छग शासन के संभावित प्रवास कार्यक्रम में उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। प्रशासनिक उदासीनता और ढुलमुल रवैया से परेशान पदोन्नति पश्चात पदस्थापना से वंचित नवपदोन्नत प्रधान पाठक जिला तथा संभागीय कार्यालय में संपर्क कर अपनी बात रख रहे हैं किन्तु अधिकारी कोई हल निकालने के बजाय मामले को उलझा कर ठंडे बस्ते में डालने के फिराक में हैं।विदित हो छग शासन की मंशा के बावजूद जिले में काफी मुश्किल से आनन फानन में जिले के सहायक शिक्षक एल बी संवर्ग को अक्टूबर माह में पदोन्नति प्रदान करने संबंधी आदेश जारी कर दिया गया किन्तु माह भर बीत जाने के बाद भी अब तक प्राथमिक शालाओं हेतु पदस्थापना आदेश जारी नही किया गया है।गौर तलब है शिक्षक संगठनों के भारी दबाव में काउंसलिंग तिथि जारी की गई थी जिसे ऐन वक्त पर स्थागित कर दिया गया जिसके लिए उच्च कार्यालय के प्रतिनिधि नहीं पहुंच पाने का कारण बताया गया लेकिन जानकारों के मुताबिक यह पूरा मामला पूर्व में बड़े पैमाने पर हुए शिक्षाकर्मी भर्ती फर्जीवाड़ा से संबंधित लंबित जांच प्रकरण के कारण प्रभावित हो रहा है।इस संबंध में विभिन्न स्तरों पर प्रयासरत छग विद्यालयीन शिक्षक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मंगलमूर्ति ने बताया कि पिछले हफ्ते छग विद्यालयीन शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त संचालक से भेंट कर अवगत कराया कि जिले के अधिकांश सहायक शिक्षक 1998 में शिक्षाकर्मी के रूप में भर्ती होकर विगत 24 वर्षों एक ही पद पर सेवारत हैं तथा शासन की मंशानुरूप जिनकी पदोन्नति अत्यंत आवश्यक है।2005 के पूर्व की नियुक्तियां निर्विवाद है अतः 2005 के पूर्व नियुक्त सहा शिक्षक वर्तमान में पदस्थापना के अभाव में जिनकी पदोन्नति प्रक्रिया लंबित है का ही पदस्थापना आदेश जारी कर शेष लंबित प्रकरणों के निपटारे के पश्चात रिक्त पदों पर पदोन्नति प्रदान की जा सकती है।इस पर संयुक्त संचालक ने सहमति व्यक्त करते हुए सिर्फ इसे एक विकास खण्ड की समस्या न मानते हुए पूरे जिले से ही समस्या का निदान करने की बात कही।इस संबंध में उन्होंने उच्च स्तर पर पत्राचार कर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया परंतु आज पर्यंत प्रधान पाठक पदस्थापना आदेश जारी न किए जाने से नवपदोन्नत प्रधान पाठको में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। आगे मंगलमूर्ति ने बताया कि हमने प्रकियारंभ होते ही पदोन्नत शिक्षको को सीधे स्थानीय स्तर पर पदस्थापना प्रदान करते हुए प्रत्येक प्रधान पाठक हेतु पृथक-पृथक आदेश जारी करने की मांग जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद को पत्र सौंपकर किया था। बढ़ती समस्या के उचित निदान को लेकर जिला प्रशासन से चर्चा भी बेनतीजा रही,आखिर कब तक कहलाएंगे बिना स्कूल के बड़े गुरुजी ?अब लगातार पदस्थापना में हो रही लेटलतीफी और प्रशासनिक उदासीनता से परेशान नवपदोन्नत प्रधान पाठकों को मुख्यमंत्री छग शासन से मिलकर समस्या के त्वरित निराकरण की मांग करना अब एक मात्र विकल्प उचित लग रहा है।

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