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रिसाली निगम कांग्रेस सरकार के एमआईसी मेंबर ने अधिकारी-कर्मचारियों को दी मां-बहन की गालियां

  • अपराध दर्ज करने तथा एमआईसी से बर्खास्तगी की मांग को लेकर आवश्यक कार्य छोड़ सभी काम बंद किया कर्मचारियों ने
  • एमआईसी मेम्बर का अपनी की निगम सरकार के रहते आरोप /अधिकारी कर्मचारी वार्ड के कार्यों में ध्यान नही देते

भिलाई (सतीश पारख)। नगर निगम रिसाली के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ अभद्रता व मां-बहन की गाली गलोज करने वाले कांगे्रसी पार्षद व एमआईसी सदस्य के खिलाफ कार्रवाई तथा बर्खास्तगी की मांग को लेकर अधिकारी-कर्मचारी आयुक्त के नेतृत्व में एकजुट हुए और संभागायुक्त से मुलाकात की। इसके पूर्व अधिकारी व कर्मचारियों ने हिन्दी भवन के समक्ष प्रदर्शन भी किया। वहीं इस मामले में पार्षद के खिलाफ थाना नेवई में धारा 294, 506 और 186 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह भी कहा गया है कि जब तक पार्षद पर कार्यवाही नहीं होती तब तक आवश्यक कार्यों को छोड़ निगम के सभी कार्य बंद रहेंगे। कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल में रहेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार रिसाली नगर निगम में वार्ड 29 लक्ष्मीनगर से कांग्रेस पार्षद व एमआईसी मेंबर विलासराव बोरकर के खिलाफ नेवई थाने में शिकायत की गई है। बताया जाता है कि उसने रिसाली निगम में घुसकर कर्मचारी और अधिकारियों से गाली गलौज कर हंगामा किया है। इस मामले को लेकर शुक्रवार को सभी अधिकारी कर्मचारी संभागायुक्त महादेव कावरे के पास पहुंचे और पार्षद की बर्खास्तगी की मांग की। अधिकारी कर्मचारी यूनियन लीडर गोपाल सिन्हा ने बताया कि गुरुवार शाम को रिसाली के एमआईसी मेंबर विलासराव बोरकर निगम कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने पेयजल की पाइपलाइन सप्लाई का मुद्दा उठाते हुए कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। उसने आरोप लगाया कि उसके वार्ड में पानी की समस्या है और अधिकारी कर्मचारी ध्यान ही दे रहे हैं। इसी बात को लेकर उसने अश्लील गाली गलौज करना शुरू कर दिया। महिला कर्मचारी और अधिकारियों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो उसने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और कुर्सी टेबल पटकने लगा। कर्मचारियों ने कहा कि एमआईसी मेम्बर ने गृहमंत्री, कमिश्नर, महापौर और निगम के सभी पार्षदों के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद सभी अधिकारी कर्मचारी निगम कार्यालय से बाहर आ गए। उन्होंने पार्षद के दुर्व्यवहार की आलोचना की और उसके खिलाफ नेवई थाने में मामला दर्ज कराया।
रिसाली आयुक्त आशीष देवांगन के नेतृत्व में सभी निगम के कर्मचारी अधिकारी दुर्ग राजेंद्र प्रसाद पार्क में एकत्रित हुए। इसके बाद वह हिंदी भवन संभागायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने संभागायुक्त महादेव कावरे से पार्षद की बर्खास्तगी की मांग की। इस दौरान गोपाल सिन्हा, सहायक राजस्व निरीक्षक अनीता गायकवाड़, डिगेश्वरी चंद्राकर सब इंजीनियर, बिंदू कोसेवाड़ा कंप्यूटर ऑपरेटर, किरण वर्मा असिस्टेंड अकाउंट ऑपरेटर और पीआरओ मुकेश देशमुख सहित बड़ी संख्या में अधिकारी कर्मचारी शामिल थे।

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