गिरदावरी कार्य मे कांकेर जिला राज्य में प्रथम जिले में गिरदावरी कार्य पूर्ण


कांकेर । गिरदावरी के कार्य में कांकेर जिला को पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य शासन द्वारा गिरदावरी कार्य को 20 सितम्बर तक पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया था, जिसे पालन में कलेक्टर के.एल. चौहान के मार्गदर्शन में कांकेर जिले के सभी तहसीलों में गिरदावरी के कार्य को समय के भीतर पूरा कर लिया गया है।
भू-अभिलेख शाखा कलेक्ट्रेट कांकेर से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ फसलों के गिरदावरी का कार्य पटवारियों द्वारा जिले के 1005 ग्रामों के कुल 05 लाख 38 हजार 487 खसरा नंबर के विरूद्ध 05 लाख 38 हजार 461 खसरों की प्रविष्टि साप्टवेयर में की गई है, जो लगभग शतप्रतिशत है। अंतागढ़ तहसील में 42 हजार 151 खसरों के विरूद्ध 42 हजार 150 खसरों की प्रविष्टि में की गई है, इसी प्रकार चारामा तहसील में 01 लाख 20 हजार 256 खसरा के विरूद्ध 01 लाख 20 हजार 253 खसरा एवं दुर्गूकोंदल तहसील के सभी 35 हजार 552 खसरों की प्रविष्टि साप्टवेयर में किया गया है, पखांजूर तहसील के 85 हजार 85 खसरे के विरूद्ध 85 हजार 84 तथा भानुप्रतापपुर तहसील मे सभी 57 हजार 205 खसरों की प्रतिष्टि किया गया है। नरहरपुर तहसील में 01 लाख 08 हजार 940 खसरें के विरूद्ध 01 लाख 08 हजार 930 खसरे तथा कांकेर तहसील में 89 हजार 298 खसरे के विरूद्ध 89 हजार 287 खसरों की प्रविष्टि साप्टवेयर में किया गया है।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर के.एल. चौहान द्वारा जिले मे किये जा रहे गिरदावरी कार्य का 05 प्रतिशत विभिन्न तहसीलों के मैदानी क्षेत्रों में जाकर स्वयं निरीक्षण किया गया तथा पटवारियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं दिशा निर्देश दिये गये। अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य द्वारा भी फिल्ड में जाकर गिरदावरी कार्य का निरीक्षण किया गया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुविभागीय अधिकारी कृषि, सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख और वरिष्ठ कृषि अधिकारियों ने भी अपने-अपने प्रभार क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में किये जा रहे गिरदावरी कार्य के 10 प्रतिशत कार्यों की जांच खेतो में जाकर किया गया। इसके अलावा कृषि विभाग, वन विभाग एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा भी उन्हें आबंटित ग्रामों में गिरदावरी कार्य का निरीक्षण किया गया। जिले में गिरदावरी का कार्य पूरा होने के पश्चात समस्त पटवारियों को ग्रामवार फसल क्षेत्राच्छादन प्रतिवेदन का प्रांरभिक प्रकाशन संबंधित ग्रामों एवं ग्राम पंचायतों में करने के लिए कलेक्टर द्वार निर्देशित किया गया है तथा 28 सितम्बर तक दावा आपत्ति प्राप्त कर 07 अक्टूबर तक उनका निराकरण करने के लिए निर्देशित किया गया है।

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